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environment study notes pdf || environmental studies notes pdf

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Environment study notes pdf || Environmental studies notes pdf

environment study notes pdf:- As you all colleagues know that to become a teacher, we have to give the Teacher Eligibility Test which is known by different names in different states. CTET, UPTET, HTET, PTET, BTET, REET etc are nicknames of Teacher Eligibility Test.

 

From today, we have brought for you the notes of environmental studies, which if you read them well, you will get a lot of help in the examination. In this post, we are share with you Environment Studies Notes in Hindi PDF. environmental studies notes are very important for cracking a competitive exam.

 

जैव-विविधता

 

  1. राष्ट्रीय उद्यानों में आनुवंशिक विविधता का रख-रखाव किया जाता है  — इन-सीटू संरक्षण द्वारा
  2. TRAFFIC  मिशन यह सुनिश्चित करता है कि वन्य पादपों और जंतुओं के व्यापार से खतरा न हो  — प्रकृति के संरक्षण को
  3.  TRAFFIC की स्थापना वर्ष 1976 में की गई थी। यह रणनीतिक गठबंधन है —  WWF एवं  IUCN का
  4. जैव-विविधता को इस प्रकार परिभाषित किया जाता है — किसी पर्यावरण में विभिन्‍न प्रजातियों की श्रेणी
  5. जैक-विविधता का अर्थ है — एक निर्धारित क्षेत्र में विभिन्‍न प्रकार के पादप एवं जंतु
  6. जैव-विविधता का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है — पारिस्थितिक तंत्र का निर्वहन
  7. आनुवंशिक, जाति, समुदाय व पारितंत्र के स्तर पर विभिन्‍न प्रकार के कार्य करके पारिस्थितिक तंत्र का निर्वहन करती है. — जैक-विविधता
  8. जैक-विविधता के नाश का कारण है — जीवों के प्राकृतिक आवास की कमी, पर्यावरणीय प्रदूषण,वनों का नाश
  9. जैक-विविधता के ह्ास का मुख्य कारण है — प्राकृतिक आवासीय विनाश
  10. संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा जैव-विविधता दिवस मनाया जाता है — 22 मई को
  11. जैक-विविधता के हास के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण कारक है — प्राकृतिक वास का विनाश
  12. जैक-विविधता के कम होने का मुख्य कारण है. — आवासीय विनाश
  13. भौगोलिक क्षेत्र में जैव-विविधता के लिए संकट हो सकते हैं — वैश्विक तापन, आवास का विखंडन,विदेशी जाति का संक्रमण
  14. जैव-विविधता के लिए बड़ा खतरा है — प्राकृतिक आवासों और वनस्पति का विनाश तथा झूम खेती
  15. देश के पूर्वी और उत्तस्-पूर्वी हिस्सों में यह खेती प्रचलित है जो कि खेती का अवैज्ञानिक तरीका है — झूम खेती
  16. जैव-विविधता हॉटस्पॉट स्थलों में शामिल है — पूर्वी हिमालय (Eastern Himalayas )
  17. भारत में जैक-विविधता के “ताप स्थल’ (हॉटस्पॉट) हैं — पूर्वी हिमालय व पश्चिमी घाट
  18. जैव-विविधता हॉटस्पॉट केवल उष्णकटिबंधीय प्रदेशों में ही नहीं बल्कि पाए जाते हैं — उच्च अक्षांशीय प्रदेशों में भी

PART II

  1. भारत में चार जैक-विविधता हॉटस्पॉट स्थल हैं। ये हॉटस्पॉट हैं -पूर्वी हिमालय, पश्चिमी घाट, म्यांमार-भारत सीमा एवं सुडाल्ैण्ड
  2. भारत में जैकविविधता की दृष्टि से संतृप्त क्षेत्र है — पश्चिमी घाट
  3. जैव-विविधता के संदर्भ में भारत में क्षेत्र ‘हॉटस्पॉट’ माना जाता है — अंडमान निकोवार द्वीप समूह
  4. हॉटस्पॉट शब्दों का सर्वप्रथम प्रयोग वर्ष 1988 में किया — नार्मन मायर्स ने
  5. जहां पर जातियों की पर्याप्तता तथा स्थानीय जातियों की अधिकता पाई जाती है लेकिन साथ ही इन जीव जातियों के अस्तित्व पर निरंतर संकट बना हुआ है। वह क्षेत्र कहलाता है — हॉटस्पॉट
  6. सबसे लंबा जीवित वृक्ष है — सिकोया
  7. किसी प्रजाति को विलुप्त माना जा सकता है, जब वह अपने प्राकृतिक आवास में देखी नहीं गई है –50 वर्ष से
  8. किसी प्रजाति के विलोपन के लिए उत्तरदायी है — बड़े आकार वाला शरीर, संकुचित निच (कर्मता), आनुवांशिक भिन्‍नता की कमी
  9. गोल्डन ओरिओल, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, इंडियन फैनटेल पिजियन तथा इंडियन सनबर्ड भारतीय पक्षियों में से अत्यधिक संकटापन्न किस्म है — ग्रेट इंडियन बस्टर्ड
  10. किसी प्रजाति के विलोपन के लिए उत्तरदायी नहीं है — व्यापक निच
  11. प्रकृति एवं प्राकृतिक संसाधन अंतरराष्ट्रीय संरक्षण संघ (IUCN) द्वारा विलुपष्ति के कगार पर खड़े संकटग्रस्त पौधों और पशु जातियों की सूचियां सम्मिलित की जाती है — रेड डाटा बुक्‍्स में
  12. ‘रेड डाटा बुक’ अथवा ‘रेड लिस्ट’ से संबंधित संगठन है — आई.यू.सी.एन.
  13. प्राणी समूह जो संकटापन्न जातियों के संवर्ग के अंतर्गत आता है — महान भारतीय सारंग, कस्तूरी मृग, लाल पांडा और एशियाई वन्य गधा
  14. यद्यपि भारत की जनसंख्या तीव्र गति से बढ़ रही है, किंतु पक्षियों की संख्या तेजी से घट रही है, क्योंकि — पक्षियों के वास स्थान पर बड़े पैमाने पर कटौती हुई है, कीटनाशक रासायनिक उर्वरक तथा मच्छर भगाने वाली दवाओं का बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है

PART III

 

  1. उत्तराखंड में जेव-विविधता के ह्ास का कारण नहीं है — बंजर भूमि का वनीकरण
  2. सड़कों का विस्तार, नगरीकरण एवं कृषि का विस्तार उत्तरदायी कारकों में शामिल हैं — जैक-विविधिता के ह्लास के लिए
  3. वर्ष 1975 में यह भारत का अभिन्‍न अंग बन गया था। इसे वनस्पति शास्त्रियों का स्वर्ग माना जाता है — सिक्किम
  4. पूर्वी हिमालय के हॉटस्पॉट क्षेत्र में आता है — सिक्किम
  5. जैक-विविधता के साथ-साथ मनुष्य के परंपरागत जीवन के संरक्षण के लिए सबसे महत्वपूर्ण रणनीति जिस एक की स्थापना करने में निहित है, वह है —  जीवमंडल निचय (रिज़र्व)
  6. जैव विविधता के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण रणनीति है — जैवमंडल रिजर्व
  7. वह स्थल जो वनस्पति संरक्षण हेतु स्वस्थान पद्धति (in – situ) नहीं है — वानस्पतिक उद्यान
  8. क्रायो बैंक ‘एक्स-सीटू” संरक्षण के लिए जो गैस सामान्यतः: प्रयोग होती है, वह है — नाइट्रोजन
  9. वनस्पतियों एवं जानवरों की विलुप्तप्राय प्रजातियों का संरक्षण उनके प्राकृतिक आवास से पृथक किया जाता है — एक्स-सीटू संरक्षण द्वारा
  10. सर्वाधिक जैव-विविधता पाई जाती है — उष्ण कटिबंधीय वर्षा वनों में
  11. उष्ण कटिबंधीय वर्षा वनों का विस्तार पाया जाता है — 10″उ. तथा 10″ द. अक्षांशों के मध्य
  12. इन क्षेत्रों में पादप तथा प्राणियों के विकास तथा वृद्धि के लिए अनुकूलतम दशाएं पायी जाती हैं, क्योंकि इसमें वर्ष भर रहता है — उच्चा वर्षा तथा तापमान
  13. किसी निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में पाए जाने वाले जीवों की संख्या तथा उनकी विविधता को कहा जाता है  — जैक-विविधिता
  14. सर्वाधिक जैव-विविधता पायी जाती है — उष्णकटिबंधीय वर्षा वन बायोम
  15. प्राणियों और पादपों की जातियों में अधिकतम विविधता मिलती है — उष्ण कटिबंध के आर्द्र वनों में
  16. जैव-विविधता में परिवर्तन होता है, क्योंकि यह — भूमध्य रेखा की तरफ बढ़ती है
  17. सर्वाधिक जैक-विविधता पाई जाती है — उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में

PART IV

 

  1. शान्त घाटी, कश्मीर, सुरमा घाटी तथा फूलों की घाटी में से सर्वाधिक जैव-विविधता पाई जाती है — शान्त घाटी में
  2. ‘शान्त घाटी’ अवस्थित है — केरल में
  3. ‘साइलेंट वैली परियोजना” जिस राज्य से संबंधित है, वह है — केरल
  4. “फूलों की घाटी’ अवस्थित है — उत्तराखंड में
  5. आर्दर क्षेत्रों में जिन्हें रामसर का दर्जा प्राप्त है — चिल्का झील, लोकटक, केवलादेव तथा वूलर झील
  6. रामसर सूची अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्र भूमियों की सूची है। इस सूची में वर्तमान में भारत के शामिल स्थल हैं. — कुल 26 स्थल
  7. रामसर कन्वेन्शन के अंतर्गत रामसर स्थल है — भोज आर्द्र स्थल
  8. वेटलैंड दिवस मनाया जाता है — 2 फरवरी को
  9. रामसर सम्मेलन संरक्षण से संबंधित था — नम भूमि के
  10. भारत की सबसे बड़ी अंतर्देशीय लवणीय आर्द्रभूमि है — गुजरात में
  11. जीवमंडल आरक्षित परिरक्षण क्षेत्र है — आनुवंशिक विभिन्‍नता के क्षेत्र
  12. प्रवाल-विरंजन का सबसे अधिक प्रभावी कारक है — सागरीय जल के सामान्य तापमान में वृद्धि
  13. जिनमें प्रवाल-भित्तियां हैं -प्रवालों की मृत्यु — अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, कच्छ की खाड़ी, मन्‍नार की खाड़ी
  14. सर्वप्रथम ‘“बायोडायवर्सिटी’ शब्द का प्रयोग किया था — वाल्टर जी. रोसेन ने
  15. जेव-विविधता जिन माध्यम/माध्यमों द्वारा मानव अस्तित्व का आधार बनी हुई है — मृदा निर्माण, मृदा अपरदन की रोकथाम, अपशिष्ट का पुन:चक्रण, शस्य परागण
  16. संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 20-20 के लिए दशक निर्दिष्ट किया है — जैक्विविधता दशक
  17. पारिस्थितिक तंत्र की जेव-विविधता की बढ़ोत्तरी के लिए उत्तरदायी नहीं रे — पोषण स्तरों की कम संख्या
  18. पारिस्थितिकी तंत्र होता है — एक गतिकीय तंत्र
  19. हिमालय पर्वत प्रदेश जाति विविधता की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। इस समृद्धि के लिए जो कारण सबसे उपयुक्त है, वह है — यह विभिन्‍न जीक्भौगोतिक क्षेत्रों का संगम है
  20. भारतीय संसद द्वारा जैव-विविधता अधिनियम पारित किया गया — दिसंबर 2002 में

 

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