Arihant Samanya Hindi Book |अरिहंत सामान्य हिन्दी भाषा का इतिहास

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हिंदी भासा का इतिहास एंव मुख्य तथ्य:-

इतिहास अतीत का एक साधन है । किसी समाज या राष्ट के इतिहास के अध्ययन के द्वारा हम उस समाज या राष्ट के अतीत को जान सकते है। अतीत का तातपर्य उस राष्ट की संस्कृति और सभ्यता से है। प्रत्येक देश अथवा राष्ट की अस्मिता की पहचान उसकी संस्कृति और सभ्यता से की जाती है।

हिंदी शब्द की उतप्ति:-

वैदिक संस्कृत लौकिक संस्कृत पालि प्राकृत अपग्रष आदि किसी भी प्राचीन भारतीय भाषा में हिंदी शब्द उपलब्ध नहीं है

वस्तुत: हमारी भाषा का नाम- हिंदी ईरानियों की दें है । संस्कृत की स्र ध्वनि फ़ारसी में हु बोली जाती है।: जैसे- सप्ताह- हप्ताह, असुर- अहुर, सिन्धु- हिन्दू  आदि।

भारतवर्ष की पशिचमी सिमा के लगभग जो इतिहास प्रसीद सिन्धु नदी बहती है, उसे ईरानी हिन्दू या हिन्द कहते थे। कालान्तर में सिन्धु नदी के पार का सम्पूर्ण भू- भाग हिन्द कहा जाने लगा और हिन्द की भाषा कहलाई ।

खड़ी बोली हिंदी का विकास:-

खड़ी बोली हिंदी का विकास मुख्य रूप से निम्न युगो में हुआ है

भारतेन्दु पूर्व युग:-

शुद खड़ी बोली ( हिंदवी ) के पुराने नमूने आमिर खुसरो और बन्दाNVAAJ गेसूदराज की रचनाओं में मिलते है ।

हिंदी का वास्तविक आरम्भ (1000 इ, ) से माना जाता है, तब से आज तक के समय को तीन कालो में विभाजित किया गया है- आदिकाल (1000) से 1400 इ, तक) और आधुनिक काल (1800) से अब तक

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संज्ञा की परिभाषा :

संज्ञा का शाब्दिक अर्थ होता है – नाम। किसी व्यक्ति , गुण, प्राणी, व् जाति, स्थान , वस्तु, क्रिया और भाव आदि के नाम को संज्ञा कहते हैं।

संज्ञा के उदाहरण

रमेश परीक्षा में प्रथम आया था। इसलिए वह दौड़ता हुआ स्कूल से घर पहुंचा, इस बात से वह बहुत खुश था। उसने यह बात अपने माता- पिता को बताई। यह समाचार सुन वह इतने आनंदित हुए कि उन्होंने उसे गले लगा लिया।

यहाँ पर खुश और आनंदित (भाव ), रमेश , माता-पिता (यक्ति ), स्कूल,घर (स्थान ), सुन, गले (क्रिया ) आदि संज्ञा आई हैं।

संज्ञा के भेद (Sangya Ke Bhed) :-

  1.  जातिवाचक संज्ञा
  2.  भाववाचक संज्ञा
  3.  व्यक्तिवाचक संज्ञा
  4. समूहवाचक संज्ञा
  5.  द्रव्यवाचक संज्ञा

1. जातिवाचक संज्ञा क्या होती है :- जिस शब्द से एक ही जाति के अनेक प्राणियों , वस्तुओं का बोध हो उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं अथार्त जिस शब्द से किसी जाति का सम्पूर्ण बोध होता हो यह उसकी पूरी श्रेणी और पूर्ण वर्ग का ज्ञान होता है उस संज्ञा शब्द को जातिवाचक संज्ञा कहते हैं।

उदहारण :- मोटर साइकिल, कार, टीवी, पहाड़, तालाब, गॉंव,लड़का, लडकी,घोडा, शेर।

2. भाववाचक संज्ञा क्या होती है :- जिस संज्ञा शब्द से किसी के गुण, दोष, दशा, स्वाभाव , भाव आदि का बोध हो वहाँ पर भाववाचक संज्ञा कहते हैं। अथार्त जिस शब्द से किसी वस्तु , पदार्थ या प्राणी की दशा , दोष, भाव , आदि का पता चलता हो वहाँ पर भाववाचक संज्ञा होती है।

उदहारण:- गर्मी, सर्दी, मिठास, खटास, हरियाली, सुख।

भाववाचक संज्ञा बनाना :-

भाववाचक संज्ञा चार प्रकार से बनाई जा सकती हैं —

1. जातिवाचक संज्ञा से

2. सर्वनाम से

3. विशेषण से

4. क्रिया से

1. जातिवाचक संज्ञा से भाववाचक संज्ञा बनाना :-

मित्र = मित्रता

पुरुष = पुरुषत्व

पशु = पशुता

पंडित = पांडित्य

दनुज = दनुजता

सेवक = सेवा

नारी = नारीत्व

भाई = भाईचारा

2. सर्वनाम से भाववाचक संज्ञा बनाना :-

पराया = परायापन

सर्व = सर्वस्व

निज = निजत्व

3. विशेषण से संज्ञा बनाना :-

मीठा = मिठास

मधुर = मधुरता

चौड़ा = चौडाई

गंभीर = गंभीरता

मूर्ख = मूर्खता

पागल = पागलपन

भला = भलाई

लाल = लाली


4. क्रिया से भाववाचक संज्ञा बनाना :-

उड़ना = उड़न

लिखना = लेख

खोदना = खुदाई

बढ़ना=बाढ़

कमाना = कमाई

घेरना = घेरा

खपना = खपत

बचना =बचाव

नाचना = नाच

पड़ना = पड़ाव

लूटना = लूट

3. व्यक्तिवाचक संज्ञा क्या होती है :- जिस शब्द से किसी एक विशेष व्यक्ति , वस्तु, या स्थान आदि का बोध हो उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं। अथार्त जिस संज्ञा शब्द से किसी विशेष स्थान, वस्तु,या व्यक्ति के नाम का पता चले वहाँ पर व्यक्तिवाचक संज्ञा होती है।उदहारण :- भारत, गोवा, दिल्ली, भारत, महात्मा गाँधी , कल्पना चावला , महेंद्र सिंह धोनी , रामायण ,गीता, रामचरितमानस आदि।

4. समूहवाचक संज्ञा क्या होती है :- इसे समुदायवाचक संज्ञा भी कहा जाता है। जो संज्ञा शब्द किसी समूह या समुदाय का बोध कराते है उसे समूहवाचक संज्ञा कहते हैं। अथार्त जो शब्द किसी विशिष्ट या एक ही वस्तुओं के समूह या एक ही वर्ग व् जाति के समूह को दर्शाता है वहाँ पर समूहवाचक संज्ञा होती है।

उदहारण :- गेंहू का ढेर, लकड़ी का गट्ठर , विद्यार्थियों का समूह , भीड़ , सेना, खेल आदि।

5. द्रव्यवाचक संज्ञा क्या होती है :- जो संज्ञा शब्द किसी द्रव्य पदार्थ या धातु का बोध कराते है उसे द्रव्यवाचक संज्ञा कहते हैं। अथार्त जो शब्द किसी पदार्थ, धातु और द्रव्य को दर्शाते हैं वहाँ पर द्रव्यवाचक संज्ञा होती है।

उदहारण :- गेंहू , तेल, पानी, सोना, चाँदी, दही , स्टील , घी, लकड़ी आदि।


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Hindi Grammar Questions Answers

(1) भाषा के लिखित रूप में बात बताते हैं।

(A) बोलकर
(B) लिखकर
(C) (A) और (B) दोनों
(D) इनमें से कोई नहीं
Answer-(B)

(2) भारत की राष्ट्रभाषा है।

(A)उर्दू
(B) हिंदी
(C) अँग्रेजी
(D) इनमें से कोई नहीं
Answer-(B)

(3) व्याकरण भाषा के बताता है।

(A) नियम
(B) काम
(C) (A) और (B) दोनों
(D) इनमें से कोई नहीं
Answer-(A)

(4) पुष्प कौन-सा शब्द है ?

(A) तत्सम
(B) तद्भव
(C) देशज
(D) विदेशज
Answer-(A)

(5) उ, ऊ के उच्चारण स्थान है ?

(A) दन्त
(B) कण्ठ
(C) ओष्ठ
(D) होठों
Answer-(D)

(6) ए, ऐ, ओ, औ कौन सा स्वर है ?

(A) हस्व स्वर
(B) दीर्घ स्वर
(C) संयुक्त स्वर
(D) इनमें से कोई नहीं
Answer-(C)

(7) मात्राएँ कितने प्रकार के होते है ?

(A) दो
(B) तीन
(C) पाँच
(D)सात
Answer-(B)

(8) हिन्दी में व्यंजनवर्णो की संख्या कितनी है ?

(A) 22
(B) 10
(C) 33
(D)30
Answer- (C)

(9) कवर्ग का उच्चारण-स्थान है ?

(A) मूर्धा
(B) दन्त
(C) ओष्ठ
(D) कण्ठ
Answer-(D)

(10) पवर्ग का उच्चारण स्थान है ?

(A) दन्त
(B) कण्ठ
(C) ओष्ठ
(D) मूर्धा
Answer-(C)


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