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महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अंतर्गत योजनाएं

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महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अंतर्गत योजनाएं

 

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (बी.बी.बी.पी)

« इसे पानीपत, हरियाणा में 22 जनवरी, 205 को प्रधानमंत्री द्वारा लॉन्च किया गया।

« उठददेश्य- बाल लिंग अनुपात, सुरक्षा तथा बालिकाओं की शिक्षा में सुधार।

« वर्तमान ब्रांड एंबेसडर-ओलंपिक कांस्य पदक विजेता साक्षी मल्िक।

 

सुकन्या समृद्धि योजना

 

« इसे 21 जनवरी, 205 को प्रधानमंत्री द्वारा लॉन्च किया गया।

« वित्त मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अंतर्गत।

« यह बी.बी.बी.पी (बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ) का एक हिस्सा है।

« केवल उन लड़कियों के लिए जिनकी आयु 0 वर्ष या उससे कम है।

*« कार्यकाल – खोलने की तारीख से 2] वर्ष या लड़की की शादी तक

*« वर्तमान ब्याज दर- 3 प्रतिशत।

*» खाता डाकघर या वाणिज्यिक बैंकों के माध्यम से खोला जा सकता है।

 

पोस्को (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) ई-बॉक्स

 

« ऑनलाइन शिकायत प्रबंधन प्रणाली

«  पोस्को अधिनियम, 2012 के तहत अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई।

« ॥8 वर्ष से अधिक आयु के किसी भी व्यक्ति को पोस्को अधिनियम के तहत एक बच्चे के रूप में पहचाना जाता है।

 

शी-बॉक्स (SHE-BOX) (यौन उत्पीड़न इलेक्ट्रॉनिक बॉक्स) पोर्टल

 

« इसे जुलाई 2017 में लॉन्च किया गया था।

* यह केंद्र सरकार की महिला कर्मचारियों को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों

को दर्ज करने के लिए सक्षम बनाने हेतु एक ऑनलाइन मंच है।

 

‘सब्ला’ योजना (SABLA SCHEME)

 

« इसे 2010 में त्रॉन्च किया गया था, इसे किशोरियों के सशक्तिकरण हेतु राजीव गांधी योजना के रूप में भी जाना जाता है।

« 11- 18 वर्ष की किशोर लड़कियों को ‘आत्मनिर्भर’ बनाकर उनका विकास।

« फोकस क्षेत्र- पोषण, कौशल विकास और स्वास्थ्य।

 

तजस्विनी परियोजना

 

« प्रारंभ में इस परियोजना को झारखंड के 7 जिलों में लागू किया गया है।

« तेजस्विनी किशोरियों और युवा महित्राओं (ए.जी.वाई.डब्ल्यू) के सामाजिक-आर्थिक

 

सशक्तिकरण के लिए परियोजना है।

 

*« यह परियोजना विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित है।

 

एकीकृत बाल विकास सेवाएं (आई.सी.डी.एस)

 

« इसे 2 अक्टूबर, 975 में ल्रॉन्‍च किया गया।

« 6 साल से कम आयु के बच्चों और उनकी मां के लिए भोजन, शिक्षा और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करता है।

« कोई भी आंगनवाड़ी केंद्र में जा सकता है और इन सेवाओं को नामांकित कर सकता है।

 

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (जिसे पहले इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना के रूप में जाना जाता था)

 

« इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करना है जो अस्पताल में प्रवेश के लिए संस्थागत डिलीवरी से गुजरती हैं।

* यह योजना दो जीवित बच्चों के जन्म तक 8 वर्ष से ऊपर की गर्भवती महिलाओं को नकदी हस्तांतरण प्रदान करती है।

 

उज्जवल योजना

 

« इस योजना को तस्करी की रोकथाम और बचाव, पुनर्वास, पुन:-एकीकरण और वाणिज्यिक यौन शोषण के लिए तस्करी के पीड़ितों के प्रत्यावर्तन के लिए लागू किया जा रहा है।

प्रियदर्शिनी

 

« इसका मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों (एस.एच.जी) को बढ़ावा देकर आजीविका में वृद्धि करना था।

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